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Self breast examination
स्तन की स्व-जांच (Breast Self-Examination - BSE) अपने शरीर को समझने और किसी भी बदलाव को जल्दी पहचानने का एक प्रभावी तरीका है।
स्तन की स्व-जांच के 3 चरण ( examine breast without any BRA or Cloth )
1. आईने के सामने देखकर (Visual Inspection)
एक रोशनी वाले कमरे में आईने के सामने खड़े हों और अपने हाथों को बगल में रखें। निम्नलिखित तीन स्थितियों में स्तनों के आकार, बनावट और त्वचा में बदलाव देखें:
हाथ नीचे की ओर सीधे रखें।
दोनों हाथों को सिर के ऊपर उठाएं।
हाथों को कूल्हों (Hips) पर जोर से दबाएं (इससे छाती की मांसपेशियां उभरती हैं)।
2. खड़े होकर या बैठकर जांच (Manual Examination)
अपनी बीच की तीन उंगलियों के पोरों (pads) का उपयोग करें। पूरी सतह को कवर करने के लिए एक निश्चित पैटर्न (जैसे ऊपर-नीचे या गोलाकार) अपनाएं। हंसली (Collarbone) से लेकर पसलियों के नीचे तक, और बगल (Armpit) से बीच की रेखा तक जांच करें।
हल्का दबाव: त्वचा के ठीक नीचे के ऊतकों के लिए।
मध्यम दबाव: थोड़े गहरे ऊतकों के लिए।
गहरा दबाव: पसलियों के पास गहरे ऊतकों को महसूस करने के लिए।
3. लेटकर जांच (Lying Down)
लेटने पर स्तन के ऊतक छाती पर समान रूप से फैल जाते हैं। अपने दाहिने कंधे के नीचे एक तकिया रखें और दाहिना हाथ सिर के पीछे ले जाएं। अपने बाएं हाथ से दाहिने स्तन की जांच करें। यही प्रक्रिया दूसरी तरफ भी दोहराएं।
महत्वपूर्ण संकेत (जिन पर ध्यान देना जरूरी है)
यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तो डॉक्टर से संपर्क करें:
गांठ (Lumps): स्तन या बगल में कोई नई, सख्त या अचल गांठ महसूस होना।
त्वचा में बदलाव: त्वचा में गड्ढे पड़ना (Dimpling), सिकुड़न, या संतरे के छिलके जैसी बनावट दिखना।
निप्पल में बदलाव: निप्पल का अंदर की ओर खिंच जाना या उसकी दिशा बदलना।
रिसाव (Discharge): निप्पल से बिना दबाए तरल पदार्थ या खून का निकलना।
सूजन या लालिमा: स्तन के किसी हिस्से में लगातार दर्द, लाली या सूजन होना।
इसका महत्व
स्व-जांच का मुख्य उद्देश्य जागरूकता है। जब आप जानते हैं कि आपके लिए "सामान्य" क्या है, तो आप किसी भी असामान्य बदलाव को तुरंत पहचान सकते हैं। जल्दी पहचान होने से उपचार अधिक प्रभावी और सफल होता है।
Self breast examination
स्तन की स्व-जांच (Breast Self-Examination - BSE) अपने शरीर को समझने और किसी भी बदलाव को जल्दी पहचानने का एक प्रभावी तरीका है।
स्तन की स्व-जांच के 3 चरण ( examine breast without any BRA or Cloth )
1. आईने के सामने देखकर (Visual Inspection)
एक रोशनी वाले कमरे में आईने के सामने खड़े हों और अपने हाथों को बगल में रखें। निम्नलिखित तीन स्थितियों में स्तनों के आकार, बनावट और त्वचा में बदलाव देखें:
हाथ नीचे की ओर सीधे रखें।
दोनों हाथों को सिर के ऊपर उठाएं।
हाथों को कूल्हों (Hips) पर जोर से दबाएं (इससे छाती की मांसपेशियां उभरती हैं)।
2. खड़े होकर या बैठकर जांच (Manual Examination)
अपनी बीच की तीन उंगलियों के पोरों (pads) का उपयोग करें। पूरी सतह को कवर करने के लिए एक निश्चित पैटर्न (जैसे ऊपर-नीचे या गोलाकार) अपनाएं। हंसली (Collarbone) से लेकर पसलियों के नीचे तक, और बगल (Armpit) से बीच की रेखा तक जांच करें।
हल्का दबाव: त्वचा के ठीक नीचे के ऊतकों के लिए।
मध्यम दबाव: थोड़े गहरे ऊतकों के लिए।
गहरा दबाव: पसलियों के पास गहरे ऊतकों को महसूस करने के लिए।
3. लेटकर जांच (Lying Down)
लेटने पर स्तन के ऊतक छाती पर समान रूप से फैल जाते हैं। अपने दाहिने कंधे के नीचे एक तकिया रखें और दाहिना हाथ सिर के पीछे ले जाएं। अपने बाएं हाथ से दाहिने स्तन की जांच करें। यही प्रक्रिया दूसरी तरफ भी दोहराएं।
महत्वपूर्ण संकेत (जिन पर ध्यान देना जरूरी है)
यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तो डॉक्टर से संपर्क करें:
गांठ (Lumps): स्तन या बगल में कोई नई, सख्त या अचल गांठ महसूस होना।
त्वचा में बदलाव: त्वचा में गड्ढे पड़ना (Dimpling), सिकुड़न, या संतरे के छिलके जैसी बनावट दिखना।
निप्पल में बदलाव: निप्पल का अंदर की ओर खिंच जाना या उसकी दिशा बदलना।
रिसाव (Discharge): निप्पल से बिना दबाए तरल पदार्थ या खून का निकलना।
सूजन या लालिमा: स्तन के किसी हिस्से में लगातार दर्द, लाली या सूजन होना।
इसका महत्व
स्व-जांच का मुख्य उद्देश्य जागरूकता है। जब आप जानते हैं कि आपके लिए "सामान्य" क्या है, तो आप किसी भी असामान्य बदलाव को तुरंत पहचान सकते हैं। जल्दी पहचान होने से उपचार अधिक प्रभावी और सफल होता है।
Self breast examination
स्तन की स्व-जांच (Breast Self-Examination - BSE) अपने शरीर को समझने और किसी भी बदलाव को जल्दी पहचानने का एक प्रभावी तरीका है।
स्तन की स्व-जांच के 3 चरण ( examine breast without any BRA or Cloth )
1. आईने के सामने देखकर (Visual Inspection)
एक रोशनी वाले कमरे में आईने के सामने खड़े हों और अपने हाथों को बगल में रखें। निम्नलिखित तीन स्थितियों में स्तनों के आकार, बनावट और त्वचा में बदलाव देखें:
हाथ नीचे की ओर सीधे रखें।
दोनों हाथों को सिर के ऊपर उठाएं।
हाथों को कूल्हों (Hips) पर जोर से दबाएं (इससे छाती की मांसपेशियां उभरती हैं)।
2. खड़े होकर या बैठकर जांच (Manual Examination)
अपनी बीच की तीन उंगलियों के पोरों (pads) का उपयोग करें। पूरी सतह को कवर करने के लिए एक निश्चित पैटर्न (जैसे ऊपर-नीचे या गोलाकार) अपनाएं। हंसली (Collarbone) से लेकर पसलियों के नीचे तक, और बगल (Armpit) से बीच की रेखा तक जांच करें।
हल्का दबाव: त्वचा के ठीक नीचे के ऊतकों के लिए।
मध्यम दबाव: थोड़े गहरे ऊतकों के लिए।
गहरा दबाव: पसलियों के पास गहरे ऊतकों को महसूस करने के लिए।
3. लेटकर जांच (Lying Down)
लेटने पर स्तन के ऊतक छाती पर समान रूप से फैल जाते हैं। अपने दाहिने कंधे के नीचे एक तकिया रखें और दाहिना हाथ सिर के पीछे ले जाएं। अपने बाएं हाथ से दाहिने स्तन की जांच करें। यही प्रक्रिया दूसरी तरफ भी दोहराएं।
महत्वपूर्ण संकेत (जिन पर ध्यान देना जरूरी है)
यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण दिखे, तो डॉक्टर से संपर्क करें:
गांठ (Lumps): स्तन या बगल में कोई नई, सख्त या अचल गांठ महसूस होना।
त्वचा में बदलाव: त्वचा में गड्ढे पड़ना (Dimpling), सिकुड़न, या संतरे के छिलके जैसी बनावट दिखना।
निप्पल में बदलाव: निप्पल का अंदर की ओर खिंच जाना या उसकी दिशा बदलना।
रिसाव (Discharge): निप्पल से बिना दबाए तरल पदार्थ या खून का निकलना।
सूजन या लालिमा: स्तन के किसी हिस्से में लगातार दर्द, लाली या सूजन होना।
इसका महत्व
स्व-जांच का मुख्य उद्देश्य जागरूकता है। जब आप जानते हैं कि आपके लिए "सामान्य" क्या है, तो आप किसी भी असामान्य बदलाव को तुरंत पहचान सकते हैं। जल्दी पहचान होने से उपचार अधिक प्रभावी और सफल होता है।
Address: Sabarinath Pharmacy, Matanhail, Jhajjar , Haryana, India - 124106
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